बीज बुआई के लिए सबसे सस्ती मशीन- पैडी ड्रम सीडर

गणेश कुमार तिवारी (कीट विज्ञान विभाग)
अंजली पटेल एवं रोहित कुमार मिश्रा (शस्य विज्ञान विभाग)
अनिल कुमार होता (अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग)
राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्याालय एवं अनुसंधान केन्दऊ अम्बिकापुर


मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में मानसून आते ही किसान भाई कृषि कार्य में लग जाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण खरीफ कृषि कार्यो में होता है, धान की बुवाई का कार्य। प्राय: सही समय पर बोआई करने के लिए मजदुर की समस्या होने लगती है, जिससे किसान परेषान होकर छिटकवा विधि के द्वारा ही धान लगा देते हैं। परिणाम यह होता है कि पौध संख्या एवं उनके बीच की दूरी में समानता नहीं होने के कारण कहीं पौध संख्या बहुत घनी व कहीं कम हो जाती है, जिससे पौधों में प्रतिस्पर्धा होता है और अंतत: उपज घट जाती है, जिससे किसान को आर्थिक नुकसान होता है। इस समस्या को दूर करने के लिए एक नया यंत्र बनाया गया है, जिसे पैडी ड्रम सीडर नाम दिया गया है। इस यंत्र के प्रयोग से बुवाई की समस्या दूर की जा सकेगी। यह अत्यंत सस्ती व आसान तकनीक है।
मशीन की बनावट- इसकी बनावट बिलकुल आसान है। बीज भरने कके लिए चार प्लास्टिक के खोखले ड्रम लगे होते हैं। जो एक बेलन पर बंधे रहते हैं। ड्रम में दो पंक्तियों पर 9 मिलीमीटर व्यास के छिद्र बनें होते हैं। ड्रम की एक परिधि में बराबर दूरी पर कुल 15 छिद्र होते हैं। 50 प्रतिशत छिद्र बंद रहते हैं। बीज का रिसाव गुरुत्वाकर्षण के कारण इन्हीं छिद्रों द्वारा होता है। बेलन के दोनों किनारों पर पहिए लगे होते हैं। इनका व्यास 60 से.मी. होता है, ताकि ड्रम पर्याप्त ऊंचाई पर रहे। मषीन को खींचने के लिए एक हत्था लगा रहता है। आधे छिद्र बंद रहने पर मशीन द्वारा सूखा बीज दर 15-20 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर प्रयोग किया जाता है। पूरे छिद्र खुले रहने पर 25- 30 कि. ग्रा. प्रति हेक्टेयर की आवश्यकता होती है। प्रत्येक ड्रम के लिए अलग- अलग ढक्कन बना होता है जिसमें बीज भरा जाता है। मशीन में पूर्व अंकुरित धान का बीज प्रयोग में लाते हैं।
बुवाई की विधि – धान की बुवाई पैडी ड्रम सीडर से करते समय खेत के समतलीकरण, मिट्टी की सेटिंग एवं खेत में जलस्तर पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पैडी ड्रम सीडर से बुवाई के लिए 20- 25 कि.ग्रा. बीज प्रति हेक्टेयर आवश्यक होती है।बीज को 12 घंटे तक पानी में भीगो दें। उसके बाद बोरे से अंकुरण दिखाई देते ही बुवाई करें, हल्का अंकुरित बीज को ड्रम में बराबर मात्रा में भरें व खेत में 2- 2.5 इंच के बीच पानी रहने पर ही बुवाई करें।
मशीन का संक्षिप्त विवरण:-
उपयोग का प्रकार- मानव चलित
अनुप्रयोग- जलमग्र धान का खेत
आकार- 20 से.मी.
मशीन वजन- 12 किलो
रोपण कतार संख्या- 8
रोपण अंतराल- 20 से.मी.
कार्यक्षमता- 8 घंटा/हेक्टेयर
कार्यगति- 1 कि.मी./घंटा
सीड ड्रम की आकृति- हाइपरबोलाइड
सीड ड्रम का आयतन- 600 ग्राम
सीड ड्रम का व्यास- 8 मि.मी.
अनुमानित मूल्य- लगभग २०00/- रूपये
किसानों को लाभ –
ऽ ड्रम सीडर से बुवाई करने पर 40 प्रतिशत मजदूरों की संख्या कम होती है।
ऽ धान की फसल की अवधि 7-10 दिन कम हो जाती है।
ऽ कतार में होने के कारण खरपतवार नियंत्रण में आसानी होती है।