कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड के लिए विशेष अभियान

किसान क्रेडिट धारी ऋण नवीनीकृत नहीं करा पाने वाले किसान भी बैंकों से संपर्क कर नए ऋण स्वीकृत करा सकेंगे

उद्यानिकी फसल, पशुपालन एवं मछलीपालन से जुड़े किसान भी
आसानी किसान क्रेडिट कार्ड बना सकते हैं

  किसानों को आसानी से कृषि ऋण से लाभ दिलाने के लिए कृषि विभाग द्वारा 08 फरवरी से 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में लाना है, जिससे कृषक उन्नत कृषि तकनीक अपनाकर अधिक लाभ कमा सकें। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को तीन किश्तों में छह हजार रूपए की सहायता राशि सालाना दी जाती है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अन्तर्गत लगभग 21 लाख हितग्राहियों का पंजीयन किया जा चुका है।
    कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के दौरान बैंकों द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की पहचान की जाएगी, जिनका किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बना है, उन हितग्राहियों को कृषि ऋण प्रदाय करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के दस्तावेजों का उपयोग किया जाएगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकृत हितग्राही संबंधित बैंकों से सीधा संपर्क कर आसानी से कृषि ऋण प्राप्त कर सकते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड होने के बावजूद जो किसान ऋण नवीनीकृत नहीं कर पाते, ऐसे किसान भी बैंकों से संपर्क कर नए ऋण स्वीकृत करा सकते हैं।
कृषि ऋण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बैंकों द्वारा एक पेज का फार्म तैयार किया गया। किसान पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन बैंक मंे जमाकर 14 दिवस के भीतर किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अंतर्गत लाभान्वित किसान जिनका किसान क्रेडिट कार्ड उस बैंक में नहीं है, बैंकों द्वारा ऐसे कृषकों की सूची अन्य बैंकों, सरपंच और बैंक सहायकों के साथ साझा किया जाएगा और किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पंजीकृत किसान जनसुविधा केन्द्रों में भी पहुंच कर आवेदन कर सकते हैं। इस कार्यक्रम से उद्यानिकी फसल के किसान तथा पशुपालन एवं मछलीपालन से जुड़े किसान भी आसानी किसान क्रेडिट कार्ड बना सकते हैं।
    अभियान के तहत बैंकों द्वारा ऋण राशि तीन लाख रूपए तक के लिए लगने वाले प्रोसेसिंग शुल्क को माफ किया जाएगा। जिन किसानों की ऋण सीमा 1.6 लाख रूपए तक है, उन कृषकों को बिना किसी गारंटर के तत्काल ऋण की स्वीकृति दी जाएगी। कृषि ऋण के लिए खसरा और खतौनी दस्तावेज आवश्यक है, पटवारियों को संबंधित दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टरों के मार्गदर्शन में लीड बैंक द्वारा जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम में पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं पंचायत विभाग के मैदानी अमलों की सक्रिय सहभागिता रहेगी। किसान इस अभियान का फायदा उठाकर आसानी से बैंकों से कृषि ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

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