मिट्टी जाँच (मृदा परीक्षण) करना क्यों हैं जरुरी ?

जिस प्रकार मनुष्य को जीने के लिए को संतुलित आहार की जरूरत होती है उसी प्रकार फसलों को भी उसके विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यह पोषक तत्व उन्हें मिट्टी से मिलते हैं इसलिए खेती के लिए मिट्टी की जांच करना जरूरी है।कृषि सीधे तौर पर मिट्टी से जुड़ी है, किसानों की उन्नति मिट्टी पर निर्भर करती है। कहा जाता हैं मिट्टी स्वस्थ तो किसान स्वस्थ।अत्यधिक उर्वरक और किटनासक के प्रयोग से खेत की मिट्टी खराब हो रही हैं। दिनों पर दिन उत्पादन क्षमता घट रही है।
जैसा की आप जानते है कि मिटटी का हमारे जीवन मे बहुत ही अहम महत्व है. मिटटी से ही खेतों में पैदावार होती है और इन्सान के शरीर को भी ईश्वर ने मिटटी से तराशा है. लेकिन हर रोज हम मिटटी को खऱाब करते जा रहे हैं. खेतों में खाद एवं उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल और जमीन में फैलने वाले प्रदुषण से मिटटी लगातार खराब होती जा रही है. इसका प्रभाव मानव जीवन पर बिल्कुल साफ़ देखने को मिल रहा है. मिटटी में सुधार के लिए लगातार किसानों से को कहा जा रहा है कि उनके लिए मृदा की जांच कराना आवश्यक है. हम आपको बता रहे हैं कि कैसे, कब और क्यों मृदा की जांच होना आवश्यक है.
मिट्टी की जांच आवश्यक क्यों ?-
फसलों से अधिक उत्पादन लेने के लिए यह जानना जरूरी होता है कि मिट्टी में कौन-कौन से पोषक तत्व और कितनी मात्रा में उपलब्ध हैं। मिट्टी की अम्लीयता, क्षारीयता (क्क॥) विद्युत चालकता का स्तर जानने के लिए। अच्छे उत्पादन के लिए उर्वरकों की उपयोगिता क्षमता में वृद्धि के लिए। समस्याग्रस्त, अम्लीय, क्षारीय, ऊसर मिट्टी के सुधार हेतु मिट्टी की जाँच जरुरी होता हैं।
कैसे करायें मिट्टी की जांच-

  • एक एकड़ क्षेत्र में लगभग 8-10 स्थानों से – आकार के 6 इंच गहरे गहरे गढ्ढे बनायें।
  • एक खेत के सभी मिटटी को इक_ा कर के 1/2 द्मद्द का नमूना बनाये ।
  • नमूने की मिट्टी से कंकड़, घास इत्यादि अलग करें।
  • मिट्टी को कपडे में रख दे तथा उसमे नाम इत्यादि दे दे की किस खेत की मिट्टी है तथा फसल का पूरा ब्यौरा दे।
  • नमूना प्रयोगशाला को प्रेषित करें अथवाÓ ‘परखÓ मृदा परीक्षण किट द्वारा स्वयं परीक्षण करें।
    कब करायें मिट्टी की जांच-
  • मिटटी की जांच प्रत्येक 3 वर्ष में एक बार अवश्य कर लेनी चाहिए।
  • मिटटी की जांच जब मिट्टी में नमी की मात्रा बहुत कम हो तब करनी चाहिए ।
  • फसल शुरू होने से पहले मिटटी की जांच करनी चाहिए।
    क्यों करायें मिट्टी की जांच-
  • सघन खेती के कारण खेत की मिट्टी में उत्पन्न विकारों की जानकारी।
  • मिट्टी में विभिन्न पोषक तत्वों की उपलब्धता की दशा का बोधक।
  • बोयी जाने वाली फसल का आवश्यक अनुमान लगाने के लिए ।
  • फसल के अच्छे उत्पादों के लिए ।
  • संतुलित उर्वरक प्रबन्ध द्वारा अधिक लाभ।

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